देव गुरु बृहस्पति के गोचर का 2019 में राशियों पर प्रभाव

देव गुरु बृहस्पति के गोचर का 2019 में राशियों पर प्रभाव

            卐॥ॐ गं गणपतये नमः॥卐 

बृहस्पति देव के 11 अक्टूबर2018 वृश्चिक राशि में गोचर से क्या होगा सभी लग्न राशियों पर असर 

बृहस्पति देव गोचर में तुला राशि को छोड़कर वृश्चिक राशि में 11 अक्टूबर 2018 को प्रवेश करने जा रहे है और इसी राशि में वे 4 नवम्बर 2019 तक रहेंगे। इस गोचर अवधि के दौरान बृहस्पति देव वक्री तथा मार्गी अवस्था मै भी रहेंगे। ज्योतिष मै बृहस्पति देव का राशि परिवर्तन बहुत मायने रखता है। क्योकि बृहस्पति देव जातको को उनके कार्यक्षेत्र,आर्थिक स्थिति,विवाह,संतानप्राप्ति,स्वास्थ्य लाभ,ज्ञान,धर्म तथा आध्यात्मिक आदि सभी क्षेत्रों मैं अपना अत्यंत शुभफल प्रदान करते है। कुंडली मै बृहस्पति देव की स्तिथि अच्छी होने पर कई दोषों का शमन स्वतः ही हो जाता है। 

आइये जानते है इस परिवर्तन का सभी लग्न राशियों पर क्या प्रभाव रहेगा। यहाँ लग्न राशि को आधार मानकर सभी राशियों का राशिफल प्रस्तुत किया जा रहा है। 

 

1-मेष लग्नराशि (Aries): मेष लग्न राशि के लिए बृहस्पति देव का गोचर अष्टम भाव में हो रहा है। इस लग्न राशि मै बृहस्पति देव नवम(भाग्य) तथा बाहरवें (व्यय) भाव के स्वामी है। इस परिवर्तन से नौकरीपेशा लोगो को पद प्रतिष्ठा मैं वृद्वि हो सकती है । किसी भी प्रकार के स्थान परिवर्तन का योग भी बन सकता है । विदेश यात्रा का योग रहेगा। धनलाभ होगा तथा अचानक लाभ की स्तिथि बनेगी जिस से आपकी आर्थिक स्तिथि मजबूत होगी। सभी प्रकार के सुखो मैं वृद्धि होगी तथा माता का सुख प्राप्त होगा। इस गोचर के दौरान आपकी रूचि गूढ़ विद्याओ की और बढ़ सकती है। इस गोचर मैं आप अपने मकान को खरीद सकते है। स्वास्थ्य का ध्यान रखना पड सकता है। पेट से सम्बंधित कोई विकार परेशान कर सकता है। धार्मिक कार्यो मैं खर्चा कर सकते है। सरकारी कार्यो मैं सफलता प्राप्त हो सकती है। 

2-वृषभ लग्नराशि (Taurus):वृषभ लग्नराशि के लिए बृहस्पति देव का गोचर सप्तम भाव मैं हो रहा है। इस लग्न राशि मैं बृहस्पति देव अष्ठम तथा एकादश भाव के स्वामी है। इस गोचर मैं आप की सभी चल रही परेशानियों का अंत होगा। नोकरीवर्ग के लोगो को प्रमोशन मिल सकता है और नौकरी की तलाश मैं है तो सफल होंगे। इस गोचर मै आपका स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा। भाइयों से प्रेमभाव बढ़ेगा अगर कोई मतभेद चलरहा है भो भी इस दौरान दूर होगा। विवाह के इक्षुक जातको को मनपसंद जीवन साथी प्राप्त हो सकता है। धार्मिक कार्यो मैं आपकी रूचि बढ़ेगी। लाभ की स्तिथि अच्छी बनी रहेगी।

3-मिथुन लग्नराशि (Gemini):मिथुन लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर षष्ठ भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव सप्तम तथा दशम भाव के स्वामी है। षष्ठ भावमैं बैठकर यह कर्म, व्यय तथा धन भाव को देखेंगे। इस अवधि मैं नौकरी के नए अबसर प्राप्त होंगे तथा पदोन्नति के योग बनेगे। स्थान परिवर्तन के योग भी रहेंगे। व्यापारिक लोगो के व्यापार मैं वृद्धि के योग बनेगे। धार्मिक कार्यो मैं धन खर्च होगा। शत्रु आपका कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे। अचानक लाभ के योग रहेंगे तथा आर्थिक स्तिथि अच्छी होगी। कोर्ट-कचेहरी के मामलो मैं सफलता प्राप्त होगी। स्वास्थ्य को लेकर परेशानियों से निजात मिलेगी।

4-कर्क लग्नराशि (Cancer):कर्क लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर पंचम भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव षष्ठ व नवम भाव के स्वामी है। इस लग्न के लिए यह गोचर बहुत ही शुभ रहने वाला है। भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा जिससे आपके पुराने अटके कार्य पूर्ण होंगे। पारिवारिक जीवन आनंदमय बना रहेगा। घर-परिवार मैं किसी प्रकार का शुभ कार्य का आयोजन होगा। संतान प्राप्ति के योग बनेगे। इस गोचर के दौरान लाभ प्राप्ति के बहुत से योग बनेगे। व्यवसाय मैं सुधार होगा तथा लाभ के नए श्रोत बनेगे। स्वास्थ्य अच्छा होगा। धार्मिक कार्यो मैं रूचि बढ़ेगी तथा किसी संस्था मैं पद प्राप्ति के योग बनेगे।  

5-सिंह लग्नराशि (Leo): सिंह लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर चतुर्थ भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव पंचम व अष्ठम भाव के स्वामी है। अतः इस गोचर के दौरान अपना मकान खरीद सकते है। नयी अच्छी नौकरी के अबसर प्राप्त हो सकते है तथा नौकरी कर रहे जातको की नौकरी में पदोन्नति मिल सकती है। स्थान परिवर्तन के योग बनेगे। धार्मिक कार्यो मैं रुझान बढ़ेगा तथा धार्मिक कार्यो से धन लाभ की स्तिथि बनेगी। यात्राओं के योग रहेंगे। पारिवारिक जीवन अच्छा व्यतीत होगा। स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा तथा पुरानी चल रही परेशानियों मैं राहत मेहसूस करेंगे।  किसी प्रकार के चल रहे कोर्ट केस मैं परिणाम आपके पक्ष मैं आ सकता है। 

6-कन्या लग्नराशि (Virgo):कन्या लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर तृतीय भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव चतुर्थ व सप्तम भाव के स्वामी है। अतः इस गोचर के दौरान आपके मान सम्मान मैं वृद्धि होगी तथा आपका पराक्रम बढ़ाएगा। संतान से सम्बंधित अच्छी खबर प्राप्त होगी। विवाह योग्य जातको के विवाह संपन्न होंगे। तथा विवाहित जातको वैवाहिक जीवन मैं खुशियाँ प्राप्त होगी। व्यापारिक साझेदारो से रिस्तो मैं मजबूती बढ़ेगी। धन लाभ के लिए नए श्रोत की  प्राप्ति होगी। सामाजिक दायरा मैं वृद्धि होगी। नए  व्यापार शुरू कर सकते है। पारिवारिक जीवन तथा आर्थिक स्तिथि मैं मजबूती बढ़ेगी।  

7-तुला लग्नराशि (Libra):तुला लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर दूसरे भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव तीसरे व छठे भाव के स्वामी है। अतः इस गोचर के दौरान नए घर मैं प्रवेश कर सकते है तथा घर मैं नया कोई कार्य पूर्ण हो सकता है। कैरियर के लिहाज से यह गोचर बहुत ही उत्तम है। कार्यक्षेत्र मैं सभी प्रकार से लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। धार्मिक तथा शोध के कार्यो मैं रूचि बढ़ेगी। माता से लाभ मिलेगा। आर्थिक स्तिथि अच्छी बनी रहेगी। यात्राओं के बनेगे जो की लाभकारी सिद्ध होगी।

8-वृश्चिक लग्नराशि (Scorpio): वृश्चिक लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर प्रथम भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव दूसरे व पाँचवें भाव के स्वामी है। अतः इस गोचर के दौरान पराक्रम मैं बढ़ोत्तरी होगी तथा भाई-बहेनो का सहयोग प्राप्त होगा। संतान प्राप्ति के इक्षुक जातको को सफलता प्राप्त होगी। अविवाहित जातको के विवाह संपन्न होंगे। आर्थिक स्तिथि मजबुत होगी। पारिवारिक जीवन मैं खुशियों का माहौल बनेगा। विद्यार्थी वर्ग के जातको को अच्छे अवसर प्राप्त होंगे तथा शिक्षा के लिए घर से दूर जाने के योग बनेगे। व्यापारिक वर्ग को अच्छा लाभ मिलेगा। 

9-धनु लग्नराशि (Sagittarius):धनु लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर द्वादश भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव दूसरे व पाँचवें भाव के स्वामी है। अतः इस गोचर के दौरान आपको मिश्रित फलो की प्राप्ति होगी। पारिवारिक जीवन मैं चल रहे मतभेद कम हो सकते है। पुराना घर बेचकर नया घर ले सकते है। खर्चो मै वृद्धि होगी तथा धार्मिक कार्यो मै अधिक खर्च होगा। ननिहाल पक्ष से आपको तथा आपकी माता को लाभ प्राप्त होगा। ब्याज के कार्य से लाभ मिल सकता है। इस गोचर के दौरान सकारात्मक सोच के साथ अपने कार्यो को करते रहे। कार्यक्षेत्र मै स्तिथि सामान्य रहेगी।   

10-मकर लग्नराशि (Capricorn):मकर लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर एकादश(लाभ) भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव तृतीय व द्वादश भाव के स्वामी है। अतः इस गोचर के दौरान शारीरिक तकलीफों मैं राहत मिलेगी। भाई-बहनो से रिश्ते मधुर बनेगे अगर कोई मनमुटाव चल रहा है तो इस गोचर के दौरान वो समाप्त होंगे। विवाह योग्य जातको के तथा प्रेम संबंधों मै पड़े जातको के विवाह संपन्न हो सकते है। इस गोचर मैं आपको संतान प्राप्ति के योग बनेगे। व्यापारी वर्ग को लाभ की प्राप्ति होगी तथा साझेदारो का सहयोग प्राप्त होगा। 

11-कुंभ लग्नराशि (Aquarius):कुम्भ लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर दशम भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव दूसरे व ग्यारहवें  भाव के स्वामी है। अतः इस गोचर के दौरान आर्थिक स्तिथि बहुत अच्छी रहेगी। नौकरी को लेकर नए ऑफर प्राप्त होंगे। नौकरी मैं प्रमोशन मिल सकता है तथा स्थानांतरण भी संभव है। स्वास्थ्य सामान्य बना रहेगा। माता का सुख तथा माता से लाभ मिलेगा। अपना घर खरीद सकते है। कोर्ट से सम्बंधित फैसले आपके पक्ष मैं हो सकते है।

12-मीन लग्नराशि (Pisces):मीन लग्नराशि वालो की कुंडली मै बृहस्पति देव का गोचर नवम भाव में हो रहा है। इस लग्न मै बृहस्पति देव लग्न व दशम भाव के स्वामी है। अतः इस गोचर के दौरान भाग्य का पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त होगा जिसके चलते आपके सभी कार्य बिना अबरोध के पूर्ण होंगे। संतान से सम्बंधित किसी प्रकार की खुशखबरी प्राप्त हो सकती है। तथा संतान प्राप्ति के योग भी बनेगे। स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। भाई -बहनो से सहयोग मिलेगा तथा चल रहे किसी प्रकार के मनमुटाव को समाप्त करने के लिए अच्छा समय है। लाभकारी यात्राओं के योग रहेंगे।

 

2 comments

  1. sanajy

    मैंने बहुत से ज्योतिष को पढ़ा बृहस्पति के गोचर के विषय में पर सबने डराने की कोशिस की पर अापने स्पस्ट लिखा जो मुझे सही लगा। यह तरीका सही है

    • vish9al

      आपका बहुत बहुत धन्यबाद

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